गतिविधियाँ
गतिविधियाँ – वाटर सिक्यूरिटी प्लान
जल सुरक्षा योजना एवं वाटर बजट निर्माण :
प्रथम चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशासनिक/ ग्राम पंचायत स्तरीय कार्यकर्ता/ग्रामीणजनों के साथ ग्राम सभा या बैठक का आयोजन कर उक्त बैठक का कार्यवाही विवरण (Minutes of the meeting) सहित निष्कर्ष के तौर पर वाटर सिक्यूरिटी प्लान का निर्माण करवाकर उच्च स्तर पर अनुमोदन हेतु जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई को उपलब्ध करवाने का कार्य परिषद द्वारा किया गया। साथ ही परिषद के नेटवर्क द्वारा ग्राम पंचायतों में उपलब्ध जल स्त्रोतों तथा उनसे लगे हुए क्षेत्रों में उपलब्ध जलीय संरचनाओं/परिसंपत्तियों जैसे कि- चेक डेम, तालाब, बंधान, ट्यूबवेल, कुंए एवं अन्य आदि जल स्त्रोतों का जियो-रेफरेंसिंग जियो-टैगिंग का कार्य किया गया।
अगले चरण में भू-जल के उचित प्रबंधन हेतु नियोजन के लिए जन जागरण हेतु सामाजिक सहभागिता द्वारा कार्य किया गया। इसके लिए परिषद् के नेटवर्क द्वारा प्रभावी प्रचार-प्रसार के माध्यम स्थानीय जन समुदाय हेतु जन जागरूकता का कार्य सतत रूप से किया जा रहा है। परिषद् के राज्य/ संभाग/जिला/विकासखण्ड समन्वयकों सहित प्रभावी नेटवर्क में प्रस्फुटन/नवांकुर समितियों सहित सी.एम.सी.एल.डी.पी. के छात्र एवं स्वैच्छिक संगठन एवं कम्यूनिटी वर्कर के सहयोग से प्रचार-प्रसार का कार्य किया जा रहा है।
वाटर सिक्यूरिटी प्लान हेतु अनुमोदन प्रक्रिया- वाटर सिक्यूरिटी प्लान पूर्णतः जन सहभागिता से बनाये जा रहे हैं। इसके लिए कम से कम 5 से 6 बैठकों का आयोजन ग्राम पंचायतो में किया गया। इस पूरी प्रक्रिया में वाटर सिक्यूरिटी प्लान जब पूरा तैयार हो गया तो उसे ग्रामसभा/ग्राम पंचायत से अनुमोदन कराने के उपरांत हार्डकापी में जन अभियान परिषद एवं नोडल अधिकारी डी.पी.एम.यू. को अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किए गए। डी.पी.एम.यू. के नोडल अधिकारी एवं डी.आई.पी. जन अभियान परिषद वाटर सिक्यूरिटी प्लान को जिला स्तर पर एकजाई कर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित डी.पी.एम.यू. की बैठक आयोजित कर वाटर सिक्यूरिटी प्लान का अनुमोदन कराया गया। इसके बाद अगले चरण में वाटर सिक्यूरिटी प्लान डी.पी.एम.यू. से अनुमोदन पश्चात नोडल अधिकारी द्वारा प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एस.पी.एम.यू., भोपाल को प्रस्तुत किए गए। प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एस.पी.एम.यू., डी.पी.एम.यू. से प्राप्त अनुमोदित वाटर सिक्यूरिटी प्लान को एकजाई कर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय स्टेररिंग कमेटी से अनुमोदित कराने की प्रक्रिया की गई तथा समस्त 672 ग्रामपंचायतों के वाटर सिक्यूरिटी प्लान को अटल भूजल योजना के एम.आई.एस. पर अद्यतन किया गया है।
वर्ष 2022-23 से अब तक अटल भू-जल परियोजना अंतर्गत 09 विकासखण्ड यथा सागर, पथरिया, छतरपुर, नौगांव, राजनगर, बल्देवगढ़, पलेरा, अजयगढ़ एवं निवाड़ी की चयनित विकासखण्डों की 672 ग्राम पंचायतों में जन भागीदारी के माध्यम से निर्मित वाटर सिक्यूरिटी प्लान में स्थानीय परिस्थितियों अनुसार आवश्यक सुधार का कार्य किया गया साथ ही जन जागरण हेतु सामाजिक सहभागिता द्वारा कार्य किया गया। सुधार उपरांत समस्त 672 ग्राम पंचायतों के वाटर सिक्यूरिटी प्लान को अटल भूजल योजना के एम.आई.एस. पर अद्यतन किया गया है।