मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद्

(योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन)

हमारे बारे में

समाज का समग्र विकास एक सामू‍हिक प्रयास है। इसी अवधारणा को ध्‍यान में रखते हुए अनेक स्‍वयंसेवी संस्‍थाएं विभिन्‍न क्षेत्रों में लगन व तत्‍परता से कार्यरत रहीं हैं। शासन व इन संस्‍थाओं का मूल उद्देश्‍य एक होते हुए भी दोनों के कार्य सदैव समानांतर रहे हैं। म.प्र. शासन ने इस अंतर के बीच छिपी अनंत संभावनाओं व शक्ति को महसूस किया है। शासन व स्‍वयंसेवी संस्‍थाओं को एक साथ-एक मंच पर लाने के अभिनव प्रयास का नाम है- जन अभियान परिषद। दिनांक 7 मार्च 1996 को माननीय मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रदेश में स्वैच्छिक संगठनों की गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक स्वायत्त शासी निकाय का पंजीयन कराया जावेगा। जिसका नाम मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद होगा। इस आधार पर मंत्री परिषद आदेश आयटम क्रमांक 8 दिनांक 2 मई 1997 को परिषद का ज्ञापन तथा नियमावली का अनुमोदन दिया गया। परिषद के प्रशासकीय विभाग कार्यपालक निदेशक तथा आरंभ किए जाने हेतु अनुदान व कार्यालय हेतु स्टाफ की स्वीकृति दी गई। मंत्री परिषद आदेश अनुसार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत जन अभियान परिषद का गठन किया गया। परिषद का पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) एवं सोसाइटी से करवाया गया। जहां परिषद का पंजीयन क्रमांक 4964/97 है। मध्यप्रदेश राजपत्र क्रमांक 12 दिनांक 24 मार्च 2000 के माध्यम से जन अभियान परिषद की शासी निकाय तथा कार्यकारिणी की सभा का गठन करते हुए सदस्यों का मनोनयन किया गया। मंत्री परिषद की बैठक दिनांक 20.06.2006 में लिये गये निर्णय अनुसार मध्‍यप्रदेश जन अभियान परिषद, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्‍थान पर योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के अंतर्गत कार्य करेगा।

अंतिम नवीनीकरण:12 Dec, 2025